वित्त मंत्री ने ‘आधार’ पर आधारित ई-केवाईसी के जरिए ‘तत्काल पैन आवंटन’ की सुविधा का शुभारंभ किया


May 29, 2020 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News


केन्द्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुरूप केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने ‘पैन के तत्काल आवंटन (लगभग वास्तविक समय के आधार पर) की सुविधा’ का शुभारंभ औपचारिक रूप से किया।

यह सुविधा अब उन पैन आवेदकों के लिए उपलब्ध है जिनके पास वैध ‘आधार नंबर’ है और इसके अलावा ‘आधार’ के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर भी है। इसकी आवंटन प्रक्रिया कागज रहित है और आवेदकों को इलेक्ट्रॉनिक पैन (ई-पैन) नि:शुल्क जारी किया जाता है।

उल्‍लेखनीय है कि वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने केन्द्रीय बजट 2020 में ‘तत्काल पैन आवंटन’ की सुविधा शीघ्र ही शुरू करने की घोषणा की थी। बजट भाषण के पैरा 129 में वित्त मंत्री ने कहा था, ‘पिछले बजट में मैंने ‘पैन (स्‍थायी खाता संख्‍या)’ और ‘आधार’ की अंतर-परिवर्तनीयता की सुविधा की शुरुआत की थी जिसके लिए आवश्यक नियमों को पहले ही अधिसूचित कर दिया गया था।

पैन आवंटन की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए जल्द ही हम एक ऐसी प्रणाली शुरू करेंगे जिसके तहत विस्तृत आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता के बिना ही ‘आधार’ का उपयोग करते हुए पैन को तत्काल ऑनलाइन आवंटित कर दिया जाएगा।’   

‘आधार’ पर आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से तत्काल पैन आवंटन की सुविधा की औपचारिक शुरुआत भले ही आज की गई हो, लेकिन इसका ‘बीटा संस्करण’ परीक्षण के आधार पर आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर 12 फरवरी 2020 को ही शुरू कर दिया गया था। तब से लेकर 25 मई 2020 तक लगभग प्रति 10 मिनट में 6,77,680  तत्‍काल पैन आवंटित किए जा चुके हैं। 

यह भी गौर करने वाली बात है कि 25 मई 2020 तक  करदाताओं को कुल 50.52 करोड़ पैन आवंटित किए जा चुके हैं जिनमें से लगभग 49.39 करोड़ पैन विभिन्‍न व्यक्तियों को जारी किए गए हैं और 32.17 करोड़ से भी अधिक पैन को ‘आधार’ के साथ जोड़ा गया है।

‘तत्काल पैन’ के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत सरल है। तत्काल पैन प्राप्त करने के लिए आवेदक को आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर अपना वैध आधार नंबर डालना होता है। इसके बाद उसके ‘आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर’ पर एक ओटीपी आता है जिसे उसे वेबसाइट पर डालना होता है।

यह प्रक्रिया पूरी होते ही 15 अंकों वाली एक पावती संख्या प्राप्त होती है। यदि आवश्यकता पड़े तो आवेदक किसी भी समय अपने आधार नंबर के जरिए अपने अनुरोध की​ स्थिति की जांच कर सकता है। आवंटन सफलतापूर्वक हो जाने पर आवेदक अपना ई-पैन डाउनलोड कर सकता है। ई-पैन को आवेदक के ई-मेल पते पर भी भेजा जाता है, बशर्ते कि वह ‘आधार’ के साथ पंजीकृत हो।

तत्काल पैन आवंटन सुविधा का शुभारंभ आयकर विभाग द्वारा डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ाया गया एक और अहम कदम है, जिससे करदाताओं के लिए नियमों का अनुपालन करना और भी अधिक आसान हो गया है।

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