Press Note – Dehradun 14 September 2016


September 15, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


देहरादून में ’’डेंगू’’ रोग से रोकधाम एवं बचाव हेतु पूर्व में मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों का अनुश्रवण किया गया।

देहरादून में ’’डेंगू’’ रोग से रोकधाम एवं बचाव हेतु पूर्व में मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों का अनुश्रवण किया गया। यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने बताया कि नगर निगम, देहरादून द्वारा नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम देहरादून, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेन्स, रेड क्रास, आर.डब्लू.ए. के प्रतिनिधियों द्वारा आपस में समन्वय कर एक प्रभावी योजना तैयार की गई। उन्होंने बताया कि नगर निगम देहरादून को विशेष सहायता के रूप में 25 लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त किये जाने हेतु मुख्यमंत्री द्वारा मुख्य सचिव को निर्देश दिये गए है। उन्होंने बताया कि इस क्रम में रूपये 9 लाख की धनराशि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम देहरादून को अवमुक्त कर दी गई है। जिसमें नई मशीनों व दवाईयां की खरीद तथा मानदेय भी शामिल है। उन्होंने बताया कि डेंगू नियंत्रण हेतु नगर निगम देहरादून में एक ’’डेंगू नियंत्रण कक्ष’’ स्थापित किया गया है। जिसका टोल फ्रि नं. 18001804153 तथा दूरभाष नं. 01352652571 है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने बताया कि नगर के अंतर्गत वार्डवार नोडल अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के आशा कार्यकर्ती, रेडक्रास, सिविल डिफेन्स व आर.डब्लू.ए के प्रतिनिधि नामित किये जा चुके हैं। इस हेतु 150 टीमें बनाई गई है। प्रत्येक वार्ड में दो आशा कार्यकर्ती व दो सफाई कर्मचारी निर्धारित है। गुरूराम राय मेडिकल कालेज व विद्यालयों के एन.सी.सी. व एन.एस.एस. के सदस्यों से समन्वय कर उक्त टीमों की संख्या 300 तक किये जाने हेतु निर्देश निर्गत कर दिये गये है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने बताया कि उपरोक्त टीमों के माध्यम से घरघर जाकर घरों को सैनिटाईज किये जाने की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक देहरादून नगर क्षेत्र में 4522 घरो को सैनिटाईज करा दिया गया है। सैनिटाईज करने वाले भवनों की संख्या को नियोजित ढ़ंग से निरन्तर बढ़ाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत पानी जमा होने के बर्तनों/टंकियों/टायरों/गड़ढ़ों को चिन्ह्ति कर उन्हें खाली कराने की कार्यवाही के साथ ही साथ स्प्रे किये जाने की भी कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, देहरादून में उपलब्ध 6 बड़ी फोगिंग मशीनों को नगर के मुख्य मार्गों पर मच्छरों की रोकथाम हेतु वार्डवार फौगिंग की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 15 नई छोटी फोगिंग मशीनें भी क्रय की गई है। जिन्हें मोटरसाईकिल पर पकड़ कर, पैदल चलते हुए मोहल्लावार फोगिंग कराई जा रही है। मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्ह्ति किये गये अत्याधिक डेंगू प्रभावी क्षेत्रों जैसे ब्रह्मपुरी, सत्तोवालीघाटी, चन्दर नगर, लक्खीबाग, पीपलमण्डी, खुड़बुड़ा, यमुना कालोनी, सिंघल मण्डी, रीठा मण्डी, मुस्लिम कालोनी, भण्डारीबाग, डी.एल. रोड में डेंगू नियंत्रण हेतु विशेष रूप से कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि फोगिंग के साथसाथ 120 नग स्प्रे की नवीन मशीनें क्रय कर घरघर सैनिटाईज किये जाने हेतु कार्यवाही की जा रही है। देहरादून के 1,25,000 घरों में से 70 हजार घर सैनिटाईज किये जा चुके है। उन्होंने बताया कि 30 मशीनें पूर्व से ही कार्यरत है।

 

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टपकेश्वर मंदिर में वृद्ध एवं विकलांग लोगों के लिये लिफ्ट एवं नदी किनारे घाटों का शिलान्यास किया।

बुधवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टपकेश्वर मंदिर में वृद्ध एवं विकलांग लोगों के लिये लिफ्ट एवं नदी किनारे घाटों का शिलान्यास किया। लगभग रू0 155.71 लाख की लागत से लिफ्ट एवं लगभग रू0 40.79 लाख की लागत से नदी के किनारे घाट निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इससे वृद्ध एवं विकलांग लोगों को मंदिर के दर्शन करने का अवसर मिलेगा एवं नदी के किनारे घाट निर्माण से श्रद्धालुओं को स्नान में आसानी होगी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि मंदिर के दर्शन में विकलांग एवं वृद्धजनों को होने वाली परेशानी को देखते हुए उनके लिये लिफ्ट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिये एम.डी.डी.ए. को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विकलांग एवं बजुर्गों की सहायता के लिये राज्य सरकार हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि टपकेश्वर के विकास के लिये एक मिनी प्लान बनाया जा रहा हैं। इसके लिये एम.डी.डी.ए. से अगले तीन वर्षों के लिये एक प्लान तैयार करने को कहा गया है। मंदिर के समीप की नदी में पानी की उपलब्धता बनी रहे इसके लिये सिंचाई विभाग एवं सौन्दर्यीकरण हेतु लो.नि.वि. को कहा गया है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर सहस्त्रधारा एवं लच्छीवाला के लिये एक प्लान तैयार किया जा रहा है। परन्तु इसके लिये आप स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समितियों के सहयोग की भी आवश्यकता है। इनके बिना यह सब सम्भव नहीं है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार राज्य के विकास में फेसिलिटेटर की भूमिका निभाती है। किन्तु इसमें आप सभी का सहयोग वांछित है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. मीनाक्षी सुन्दरम ने बताया कि 16 लोगों की क्षमता वाली लिफ्ट में विकलांगों की व्हीलचेयर हेतु रैम्प भी तैयार किया जाएगा। यह लिफ्ट तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगी। कार्यक्रम में विधायक राजकुमार, उपाध्यक्ष कैन्ट बोर्ड श्रीमती राजिन्दर कौर सोंधी, महंत कृष्णागिरी एवं महंत भरतगिरी, उपाध्यक्ष गोरखा कल्याण समिति गोदावरी थापली, अध्यक्ष टपकेश्वर सेवा दल समिति महेश कण्डवाल, कांगेस नेता लाल चन्द शर्मा आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिये समेकित प्रयासो पर बल दिया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिये समेकित प्रयासो पर बल दिया है। उन्होंने प्रदेश में फिल्मकारों को तकनीकि मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिये इंजिनियरिंग काॅलेज व पाॅलिटेक्निक को चिन्हित करने के साथ ही फिल्म प्रशिक्षण के लिये दिल्ली आदि की भांति अल्मोड़ा में स्थापित होने वाले आवासीय विश्वविद्यालय में एक विभाग संचालित करने पर बल दिया है। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में बंद सिनेमा हाॅलो के पुनर्निर्माण आदि के लिये टैक्स में छूट प्रदान करने की भी बात कही है। बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि परिषद के माध्यम से आंचालिक फिल्मों के निर्माण व प्रदर्शन आदि को बढ़ावा देने से संबंधी नीति तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण व क्रियेटिव आर्ट के क्षेत्र में कार्य करने वालो को एमएसएमई नीति के तहत इस क्षेत्र के लिये भी सब्सिडी के लिये नीति तैयार की जायेगी। इसके लिये वित्त, पर्यटन व सूचना सचिव की तीन सदस्यीय समिति गठित करने के भी निर्देश उन्होंने दिये। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि फिल्म निर्माण से जुड़े लोग आर्थिक अभाव में इससे विमुख न हों। इसके लिये रास्ते तलाशे जायेंगे। इसके लिये अनुदान आधारित धनराशि उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के फिल्म कलाकारो को भी लोक कलाकारों, पत्रकारों की भांति अंशदायी सामुहिक बीमा योजना का लाभ दिया जायेगा। उन्होंने फिल्म विकास परिषद के कार्यालय भवन की व्यवस्था शीघ्र करने तथा सूचना भवन में एक कक्ष की भी व्यवस्था करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि कि बड़ी फिल्में भी प्रदेश में बने, इसके लिये स्थलीय सुविधायें उपलब्ध कराने का भी हमारा प्रयास होना चाहिए। उन्होंने अगले वर्ष से परिषद के लिये नियमित रूप से बजट व्यवस्था किये जाने पर बल देते कहा कि परिषद स्वायत्शासी संस्था के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री श्री रावत परिषद के सदस्यों से यह भी अपेक्षा की कि व अपने सुझाव समिति को उपलब्ध कराये। उनके सकारात्मक सुझावों का समावेश फिल्म नीति में किया जायेगा। फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पाण्डे ने कहा कि सिनेमा दिल से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि परिषद के सदस्यों को उनके अनुभवों के आधार पर परिषद की समितियों में भी नामित किया जायेगा ताकि परिषद अपना कार्य और अधिक व्यापकता के साथ कर सके। उन्होंने परिषद का फेसबुक पेज बनाने, प्रदेश के विभिन्न रमणीय स्थलों का विवरण तैयार करने तथा फिल्म नीति के व्यापक प्रचारप्रसार पर बल दिया। उन्होंने परिषद की तकनीकि संबर्धन से संबंधित वर्कशाॅप आयोजित करने व सभी जनपदों में फिल्म फेस्टिवल के आयोजन पर बल दिया। बैठक में सचिव एवं महानिदेशक सूचना विनोद शर्मा ने फिल्म विकास परिषद से संबंधित कार्ययोजना व प्रदेश की फिल्म नीति के महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेशों की फिल्म नीतियों का अध्ययन कर प्रदेश की फिल्म नीति तैयार की गई है। इसमें यदि ओर कोई महत्वपूर्ण सुझाव होगा, तो उसका भी समावेश किया जायेगा। बैठक में परिषद के जिन सदस्यों द्वारा अपने सुझाव व विचार रखे गये, उनमें मधवानंद भट्ट, हीरा सिंह राणा, सुश्री मीना राणा, सतीश शर्मा, जयप्रकाश पंवार, शिव पेन्यूली, एसपीएस नेगी, सुदर्शन शाह, विक्की योगी, फिल्म विकास परिषद मुल्यांकन समिति के अध्यक्ष सुदर्शन जुयाल, चन्द्रवीर, गायत्री आदि शामिल हैं। बैठक में कैबिनेट मंत्री नवप्रभात, विधायक मदन बिष्ट, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, आर मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव आर राजेश कुमार, अपर निदेशक सूचना डाॅ. अनिल चन्दोला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया दुःख व्यक्त।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रसिद्ध रंगकर्मी, साहित्यकार प्रेम मटियानी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने स्व. मटियानी के निधन को साहित्य एवं कला जगत के लिये अपूरणीय क्षति बताया है।

 

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया दुःख व्यक्त।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जनपद अल्मोड़ा में स्थान भिकियासैंण, ग्राम दनपों के समीप भिकियासैंण से सौराल जा रही वाहन(बुलेरो)े दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी मंे उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने के साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए है कि मृतकों के परिजनों एवं घायलों को शीघ्र अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार उक्त दुर्घटनाग्रस्त वाहन(बुलेरो) संख्या यू.के.04 एस8404 में कुल 6 सवारियों में से 4 लोगों की मृत्यु एवं 02 लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है।

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