Press Note – Dehradun 17 September 2016


September 18, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रसिद्ध जागर गायक प्रीतम भरतवाण को जागर लोक संस्कृति व लोक वाद्यों को जीवंतता प्रदान करने वाला घुमंतु एम्बेसडर बताया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रसिद्ध जागर गायक प्रीतम भरतवाण को जागर लोक संस्कृति व लोक वाद्यों को जीवंतता प्रदान करने वाला घुमंतु एम्बेसडर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रीतम भरतवाण देश व दुनिया में जागर व ढोल वाद्य के द्वारा लोक संस्कृति, आध्यात्म व देवत्व की भावना को जोड़ने का कार्य कर रहे है। श्री भरतवाण को जन्म दिन की बधाई देते हुए उन्होंने राज्य का लोक वाद्य ढोल एवं अगंवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया। नगर निगम प्रांगण में डाडीकांठी क्लब द्वारा प्रीतम भरतवाण के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित जागर संरक्षण दिवस कार्यक्रम कोसंबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमारे लोक वाद्यों, लोक कलाओं, लोक संस्कृति में जीवन का सार है। हमारे कलाकार इसे जीवंत बनाने का कार्य कर रहे है। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से भी श्री भरतवाण को ढोल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने डाडीकांठी क्लब को इस प्रकार के आयोजन के लिये भी बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने प्रदेश के बुजुर्ग जागर गायकों के साथ ही लोक कलाकारों व लोक संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों को भी सम्मानित किया। जागर गायक प्रीतम भरतवाण ने मुख्यमंत्री श्री रावत का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज के अन्तिम व्यक्ति में खडे व्यक्ति की पीड़ा को महसूस करने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने जागरियों को भी 3 हजार रूपये की मासिक पेंशन स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री श्री रावत का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री भरतवाण तथा अमेरिकी नागरिक स्टीफन फ्यूल द्वारा ढोल वादन की भी प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रीतम सिंह पंवार, महापौर विनोद चमोली, विधाायक राजकुमार, लघु सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष राजेन्द्र शाह, कांग्रेस उपाध्यक्ष सुर्यकांत धस्माना, पूर्व दायित्वधारी मनीष वर्मा, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, मसरूम लेडी दिव्या रावत, डांडीकांठी क्लब के कृष्णा दत्त भट्ट, सच्चिदानंद सेमवाल, अमेरिकी नागरिक स्टीफन फ्यूल, जैरथ सहित बड़ी संख्या में लोक कलाकार, संस्कृतिकर्मी एवं जनप्रतिनिधी आदि उपस्थित थे।

 

राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कई दिशाओं में काम कर रही है।

राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कई दिशाओं में काम कर रही है। स्किल डेवलपमेंट के विशेष प्रयास कर रहे हैं। चुनिंदा पाॅलिटेक्नीक, आईटीआई, इंजीनियरिंग व नर्सिंग कालेजों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2025 तक विश्व में 25 करोड़ दक्ष श्रम की आवश्यकता होगी। यदि हम इसका 0.05 प्रतिशत भी कवर कर लें तो युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। ‘‘एनगेजिंग यंग इंडिया’’ कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती में तेजी लाने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के साथ ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग बनाया गया है। इसके अतिरिक्त उच्चतर शिक्षा चयन आयोग, मेडिकल चयन आयोग व माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग भी भर्तियों में सहायक होगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि पिछले 14 वर्षों में जितने विभागीय ढांचे स्वीकृत किए गए उतने पिछले दो वर्षों में ही स्वीकृत कर दिए गए। हम 50 हजार युवाओं को उद्यमी बनाने जा रहे हैं। स्टार्ट अप में राज्य की विभिन्न योजनाओं को समाहित करते हुए स्टार्ट अप को व्यापक किया गया है। साफ्ट स्किल प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। एमएसएमई में भी शुरूआत की गई है। घुमंतु जातियों के लिए भी निस्बड के सहयोग से रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने अपने तरीके से स्टार्ट अप को परिभाषित किया है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जीवंत करने के लिए बहुत सी छोटीछोटी शुरूआतें की गई हैं। चार वर्षों में पलायन को रोकने व सात वर्षों में रिवर्स पलायन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए परम्परागत कृषि उत्पादों व महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके लिए अनेक प्रोत्साहन योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं। हम पेड़ लगाने, जलाशय बनाने व दूध उत्पादन पर बोनस दे रहे हैं। परम्परागत कृषि उत्पादों के लिए भी उत्पादन बोनस दिया जा रहा है। हड़तालों के संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य में कर्मचारियों की समस्याओं को योजगनात तरीके से दूर किया जाएगा। उŸाराखण्ड में वेतन स्केल अन्य प्रदेशों की तुलना में कहीं बेहतर है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ युवाओं को संगठित तरीके से आगे आना चाहिए। आज युवाओं में नशे की प्रवृŸिा चिंताजनक है। हमें नशे के खिलाफ जबरदस्त जंग छेड़नी होगी। युवा हमारे भविष्य ही नही वर्तमान भी हैं। कार्यक्रम की संयोजिका आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री रावत का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से पूछे जाने के लिए ईमेल के माध्यम से युवाओं से प्रश्न आमंत्रित किए गए थे। प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि अमन रहमान थे। सचिव आईटी दीपक कुमार ने आईटी के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। वहीं सिडकुल के एमडी आर राजेश कुमार ने स्टार्ट अप से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। ईमेल के माध्यम से प्राप्त सवालों को भड़ासडिब्बा में डालकर मुख्यमंत्री को सौंपा गया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने एकएक कर सवालों का विस्तार से जवाब दिया। कार्यक्रम में आते ही मुख्यमंत्री छात्रछात्राओ के बीच गए। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर सभी बहुत ही उत्साहित थे। मुख्यमंत्री श्री रावत भी पूरे उत्साह से सभी से मिले। कार्यक्रम में दून पेरामेडिकल, पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी, डीआईटी, उŸारांचल कालेज आदि संस्थानों के छात्रछात्राएं मौजूद थे। आर्यन सोढ़ी ने ड्रम बजाकर सभी को मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार, नितेश कौशिक, डा. बृजमोहन, आयुष शर्मा आदि उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के सेब उत्पादकों को मिलकर एक समन्वित नीति बनानी चाहिए।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के सेब उत्पादकों को मिलकर एक समन्वित नीति बनानी चाहिए। हाॅर्टी टूरिज्म के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं हैं। शनिवार को किसान भवन में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राष्ट्रीय सेब महोत्सव व संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग लगभग 25 योजनाओं में काश्तकारों को सहायता कर रहा है। जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक कुप्रभाव उद्यानिकी पर पड़ा है। हिमाचल प्रदेश ने बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी पाॅलिसी बनाई जिसका उसे लाभ हो रहा है। हमें इस तरह का मेकेनिज्म बनाना होगा जिससे हम उद्यानपतियों को मौसम व अन्य स्थितियों के बारे में एडवांस में ही बता सकें। अगले 10 वर्षों की योजना बनाकर विश्व बैंक के साथ इसपर विस्तार से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि अधिक से अधिक उत्पादकों को प्रोफेशनल रवैया अपनाना होगा। हमें कामर्शियल हाॅर्टीकल्चर को बढ़ावा देना होगा। छोटे छोटे सामूहिक क्लस्टर विकसित करने होंगे। बेहतर गुणवत्ता की पौध के लिए हमें नर्सरी पर भी ध्यान देना होगा। किसानों को सब्सिडाईज्ड दरों पर नई तकनीक उपलब्ध करवानी है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि फलोत्पादन में कुछ सुधार हुआ है। उत्तराखण्ड के सेब ने पहचान बनानी शुरू की है। उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के सेब उत्पादकों को मिलकर एक समन्वित नीति बनानी चाहिए ताकि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसका लाभ उठाया जा सके। प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी ध्यान देना होगा। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित करना होगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने उत्तराखण्ड औद्यानिक विपणन परिषद को निगम में परिवर्तीत करने के लिए केबिनेट में प्रस्ताव लाने को कहा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हाॅर्टीटूरिज्म की राज्य में पर्याप्त सम्भावनाएं हैं। इसमें सरकार फेसिलिटिटेर की भूमिका निभाएगी। यदि योजनागत तरीके से चला जाए तो हाॅर्टीकलचर सबसे अधिक रोजगार प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील सेब उत्पादकों को सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि दूसरे भी उनसे प्रेरित हों। हमारी नीतियां उत्पादकों द्वारा संचालित होनी चाहिए। केबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने में हाॅर्टीकल्चर महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न नई चुनौतियों को देखते हुए नई प्रजातियां विकसित की जा रही हैं। हमें क्लस्टर एप्रोच को अपनाना होगा। मार्केटिंग के सुधार पर भी ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर सेब महोत्सव की स्मारिका का विमोचन किया और महोत्सव में विभिन्न श्रेणियों में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर भारतीय सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष डा.रवींदर सिंह चैहान, संघ के सचिव कुंदन सिंह पंवार, अपर सचिव टीकम सिंह पंवार व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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