Press Note – Dehradun 27 October 2016


October 28, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


गुरूवार को माजरी ग्रान्ट, डोईवाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हंस फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेश के 5519 विद्यालयों में ‘मिड डे मील’ के लिए गैस कनेक्शन व चूल्हा वितरण का औपचारिक शुभारम्भ किया।

गुरूवार को माजरी ग्रान्ट, डोईवाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हंस फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेश के 5519 विद्यालयों में ‘मिड डे मील’ के लिए गैस कनेक्शन व चूल्हा वितरण का औपचारिक शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने मध्याह्न भोजन योजना से न केवल बच्चों को स्कूल तक लाने में सफलता मिली है बल्कि पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने में भी इसका योगदान रहा है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने भोले जी महाराज, मंगला माता जी व हंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्वेता रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हंस फाउंडेशन राज्य के विकास में हमारा पार्टनर है। इनके द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में राज्य में 500 करोड़ रूपए का निवेश किया जा रहा है। पोषण के स्तर को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने भी महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिले हैं। गर्भवती महिलाओं को मंडुवा, काला भट, आयोडीन नमक दिया जा रहा है। इससे कुछ जिलों में मातृत्व मृत्यु दर में कमी आई है। रक्त में आयरन व आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए फूड सप्लीमेंट तैयार किया गया है। गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में दो दिन दूध भी उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। प्रथम चरण में महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच हजार रूपए की राशि सीड केपिटल के तौर पर व 20 हजार रूपए की राशि सामुदायिक निवेश निधि के तौर पर दी जा रही है। दूसरे चरण में महिला मंगल दलों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि उŸाराखण्ड के प्रत्येक गांव के प्रत्येक घर में शौचालय हो। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि हंस फाउंडेशन, शिक्षा विभाग को 25 हजार स्कूलों में पानी की सुविधा के साथ शौचालय उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के फर्नीचर के लिए 2 लाख रूपए स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने इसे अगली बार माॅडल स्कूल की सूची में लिए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वागत गीत की प्रस्तुति करने पर आर्य इंटर कालेज की कन्याओं को अपनी ओर से धनराशि देने की भी बात कही। शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने भी हंस फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। मानव धर्म के प्रसार में हंस फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में इनके द्वारा सहयोग किया जाना सराहनीय है। हंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्वेता रावत ने कहा कि हंस फाउंडेशन ने प्रदेश के विकास में 500 करोड़ रूपए का सहयोग दिए जाने का कमिटमेंट किया था। शिक्षा विभाग के 5519 विद्यालयों में मिड डे मील के लिए गैस कनेक्शन व चूल्हा उपलब्ध करवाने पर लगभग 5 करोड़ रूपए की राशि व्यय की जाएगी। प्रदेश में 520 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस की स्थापना के लिए भी सहमति दी गई है। इसके अतिरिक्त 100 इंटर कालेज में प्रयोगशालाउपकरण, 190 माॅडल स्कूलों में पुस्तकालय, 150 विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत हेतु धनराशि भी फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक हीरा सिंह बिष्ट, हंस फाउंडेशन के सीईओ ले.ज. एसएन मेहता सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘ग्रीन एग्रीकल्चरट्रांसफोर्मिंग इंडियन एग्रीकल्चर फाॅर ग्लोबल एनवायरमेंटल बेनेफिट्स एंड द कन्जर्वेशन आॅफ क्रिटीकल एग्रीकल्चर एंड फारेस्ट बायोडाईवरसिटी इन डिफरेंट लेंडस्केप’’ पर आयोजित कार्यशाला का शुभारम्भ किया।

गुरूवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सचिवालय में फूड एंड एग्रीकल्चर आॅरगेनाईजेशन द्वारा ‘‘ग्रीन एग्रीकल्चरट्रांसफोर्मिंग इंडियन एग्रीकल्चर फाॅर ग्लोबल एनवायरमेंटल बेनेफिट्स एंड द कन्जर्वेशन आॅफ क्रिटीकल एग्रीकल्चर एंड फारेस्ट बायोडाईवरसिटी इन डिफरेंट लेंडस्केप’’ पर आयोजित कार्यशाला का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि खेती की उत्पादकता को बढ़ाना व जमीन के मौलिक गुणों को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। खुशी की बात है कि एफएओ इस पर गम्भीरता से विचार कर रहा है और समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उŸाराखण्ड में वनों की अधिकता है। यहां की खेती का बड़ा हिस्सा जैविक खेती है। जहां आधुनिक खेती की जा रही है वहां भी जागरूकता आई है। भारत सरकार के सहयोग से गंगा व यमुना के किनारों पर खेती को जैविक किया जा सके। हम वृक्षारोपण व वर्षा जल के संरक्षण के लिए बोनस दे रहे हैं। राज्य के अपने सीमिति संसाधन हैं। पर्यावरण में उŸाराखण्ड के योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार को राज्य को ग्रीन स्टेट के तौर पर लेते हुए संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए। इस अवसर पर भारत में एफएओ के भारत में प्रतिनिधि श्याम खाड़का, अपर सचिव ज्योति यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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