Press Note – Dehradun 27 September 2016


September 28, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराखण्ड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल डा0 कृष्णकांत पाल, मुख्यमंत्री हरीश रावत, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, पुलिस महानिदेशक एम0ए0गणपति, बिग्रेडियर संदीप सूद, जिलाधिकारी रविनाथ रमन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानन्द दाते ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराखण्ड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल डा0 कृष्णकांत पाल, मुख्यमंत्री हरीश रावत, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, पुलिस महानिदेशक एम0ए0गणपति, बिग्रेडियर संदीप सूद, जिलाधिकारी रविनाथ रमन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानन्द दाते ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जी0टी0सी0 हैलीपैड पर राज्यपाल डा0 कृष्णकांत पाल, शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, मेयर विनोद चमोली, प्रमुख सचिव गृह डा0 उमाकांत पंवार, अपर पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी आदि ने उनका स्वागत किया।

राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के जितने पदों को पदोन्नति से भरा जाना है, उन्हें भरने के लिए जल्द से जल्द पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के जितने पदों को पदोन्नति से भरा जाना है, उन्हें भरने के लिए जल्द से जल्द पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंगलवार को एमकेपी इंटर कालेज में राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी व प्रान्तीय अधिवेशन का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ये बात कही। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि दुनिया में स्थान बनाना है तो शिक्षा में नवाचार लाने होंगे। इसमें अध्यापकों व प्रधानाचार्यों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रधानाचार्य शिक्षा व्यवस्था के प्रोमोटर, मार्गदर्शक व दार्शनिक हैं। शिक्षा जगत में नवाचार लाने में प्रधानाचार्य आगे आएं। समकालीन चुनौतियों के लिए शिक्षा व्यवस्था को तैयार करने की जिम्मेवारी प्रधानाचार्यों पर है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि दो वर्ष पूर्व केवल 25 प्रतिशत पदो ंपर ही प्रधानाचार्य कार्यरत थे। हमने यथासम्भव रिक्त पदों को भरने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रधानाचार्य अपने स्तर पर अपने विद्यालय के लिए सफाई कर्मचारी रख सकेंगे। शिक्षकों सहित सभी कर्मचारियों की वाजिब मांगों को पूरा करने का प्रत्येक कोशिश की जा रही है। विभिन्न कैडरों में परस्पर विरोधाभास होने से समस्याएं उत्पन्न होती हैं। सातवें वेतन आयोग को जल्द लागू किया जाएगा। यदि छठे वेतन आयोग की कहीं पर विसंगतियां रह जाती हैं तो सातवां वेतन आयोग लागू होने पर भी ऐसे मामलों पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमें अपने संसाधन बढ़ाने होंगे। शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए माॅडल स्कूल व राजीव गांधी अभिनव विद्यालय प्रारम्भ किए जा रहे हैं। प्रसन्न्ता का विषय है कि एक वर्ष में परीक्षा के परिणाम में 4 से 5 प्रतिशत तक सुधार देखने को मिला है। आज उŸाराखण्ड तेजी से आगे बढ़ता राज्य है। हम ईज आॅफ डूईंग बिजनेस में नम्बर एक रैंकिंग पर हैं। आगामी 9 नवम्बर तक हम पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त (ओ.डी.एफ.) राज्य बन चुके होंगे। हमें अब आगे की ओर देखना है। मिल जुलकर प्रयास करें तो एक समुन्नत राज्य के रूप में हमारी पहचान बनेगी। शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में बहुत सी जटिलताएं थीं जिन्हें धीरेधीरे सुलझाया जा रहा है। एक ओर शिक्षकों की समस्याओं को हल किया जा रहा है, दूसरी ओर शिक्षा की गुणवŸाा में सुधार के लिए अनेक कार्यक्रम व योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी व एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।

सहायक निबंधक सहकारिता राजेश चैहान ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस योजना के अंतर्गत सीमान्त, लघु व बीपीएल किसानों को सहकारी बैंकों द्वारा अपेक्षाकृत कम दरों पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।

सहकारिता सहभागिता योजना के कार्यकाल को तीन वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। सहायक निबंधक सहकारिता राजेश चैहान ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस योजना के अंतर्गत सीमान्त, लघु व बीपीएल किसानों को सहकारी बैंकों द्वारा अपेक्षाकृत कम दरों पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। सहकारिता सहभागिता योजना, उत्त्राखण्ड के किसानों के लिये है, जिसमें सीमान्त व लघु किसान व बी0पी0एल0 परिवार के काश्तकारों को सहकारी बैंको के माध्यम से लाभ दिया जाता है। इसमें रूपये 50,000 (पचास हजार रूपये) तक का ऋण 5 प्रतिशत और रूपये 50,000(पचास हजार रूपये) से 3,00,000(तीन लाख रूपये) तक का ऋण 5.50 प्रतिशत ब्याज पर दिया जाता है। ब्याज की नियमित किस्तें चुकाने पर ब्याज की प्रतिपूर्ति का भी लाभ दिया जाता है। शासन ने इस जन कल्याणकारी योजना को किसानों के हित में 3 वर्ष के लिये स्वीकृति दी है। जो किसान इसका लाभ लेना चाहें वे सहकारी बैंको की स्थानीय शाखा से सम्पर्क कर सकते है। इसमें फसली ऋण व डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि यन्त्रों पर सब्सिडी उपलब्ध है। सभी बैंको को भी यह निर्देश दिये गये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कैम्प लगाकर शासन की कल्याणकारी योजना का प्रचारप्रसार करें।

 

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिला पंचायतों की मजबूती के लिये जिला पंचायत अध्यक्षों से अपने संसाधनोें के विकास पर ध्यान देने की अपेक्षा की है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिला पंचायतों की मजबूती के लिये जिला पंचायत अध्यक्षों से अपने संसाधनोें के विकास पर ध्यान देने की अपेक्षा की है। उन्होंने जिला पंचायतों को एक्ट के अनुसार कार्यवाही हेतु नियम बनाने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को जिला सेक्टर के अधीन विभिन्न विभागों के छोटे निर्माण व मरम्मत आदि के कार्याें के लिये कार्यदायी संस्था बनाये पर भी विचार किया जायेगा। मंगलवार को बीजापुर हाउस में विभिन्न जनपदों के जिला पंचायत अध्यक्षों से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि जिला पंचायतों के संबंध में पूर्व में जो निर्णय लिये गये है, उनका अनुपालन शीघ्र हो इसके लिये अधिकारियों को उन्होंने निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों के सड़क आदि से संबंधित प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को इस संबंध में शीघ्र कार्यवाही को कहा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि जिला पंचायतें अपने संसाधनों को बढ़ाने पर ध्यान दें ताकि जिला पंचायतें आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सके। जिला पंचायतों को भवन आदि की व्यवस्था के संबंध में भी उन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। बैठक में पंचायतीराजमंत्री प्रीतम सिंह, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव वित्त अमित नेगी सहित विभिन्न जनपदों के जिला पंचायत उध्यक्ष उपस्थित थे।

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