Press Note – Dehradun 29 August 2016


August 29, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


Press Note – 01

मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति में जायका व उत्तराखण्ड शासन के मध्य उत्तराखण्ड के वन क्षेत्रों में लैंडस्लाईड प्रबंधन में तकनीकी सहायता के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

Uttarakhand CM Harish Rawat

सोमवार को बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति में जापान इन्टरनेशनल कोआॅपरेशन एजेंसी(जायका) व उत्तराखण्ड शासन के मध्य उत्तराखण्ड के वन क्षेत्रों में लैंडस्लाईड प्रबंधन में तकनीकी सहायता के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उत्तराखण्ड शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव व एफआईडीसी एस. रामास्वामी मुख्य परियोजना निदेशक जायका परियोजना द्वारा व जायका की ओर से उनके भारत प्रमुख ताकेमा साकामोतो द्वारा हस्ताक्षर किये गये। एमओयू के तहत जायका द्वारा प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली क्षति के प्रबन्धन से संबंधित तकनीकी सहायता की एक नई परियोजना के कार्यान्वयन पर सहमति दी गई है। तकनीकी सहायता परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड राज्य, विशेष रूप से उत्तराखण्ड वन विभाग की क्षमता का विकास करना है। राज्य के वन क्षेत्रों में भूमिक्षरण की समस्या के समाधान तथा भूमि संरक्षण से संबंधित कार्याें का तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ नियोजन तथा प्रभावी कार्यान्वयन करने में वन विभाग और अधिक सक्षम हो सकेगा तथा वन क्षेत्रों में प्राकृतिक कारणों से होने वाली लैंडस्लाइड से भविष्य में भी निबटने के लिये समुचित रणनीति विकसित की जा सकेगी। इस तकनीकी सहायता कार्यक्रम का समन्वयन वर्तमान में जायका की सहायता से चलाई जा रही उत्तराखण्ड वन संसाधन प्रबन्धन परियोजना, विशेषकर आपदा न्यूनीकरण संबंधी कार्यमद के साथ किया जायेगा। इस तकनीकी सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत वन क्षेत्रों में भूमि संरक्षण एवं लैंडस्लाइड उपचार कार्यों से संबंधित फील्ड सर्वे, संरचनाओं के डिजायन, निर्माण एवं पर्यवेक्षण कार्य में उत्तराखण्ड वन विभाग की सहायता के लिए जापानी विशेषज्ञों की सेवायें ‘जायका’ द्वारा उपलब्ध करायी जायेंगी। इन जापानी विशेषज्ञों द्वारा इससे संबंधित नवीनतम तकनीकी की जानकारी देने तथा इन कार्याें के लिए उत्तराखण्ड एवं अन्य हिमालयी राज्यों को प्रशिक्षित करने में भी सहायता दी जायेगी। एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि जायका की सहायता से उत्तराखण्ड में पहले से ही 750 वन पंचायतों में कार्य चल रहा है। अब वन क्षेत्रों में लैंडस्लाईड प्रबंधन में भी राज्य को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि वन के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की बहुत सम्भावनाएं हैं। राज्य की आईटीआई, पाॅलिटेक्नीक व इंजीनियरिंग कालेजों में गुणवत्ता सुधार, स्किल डेवलपमेंट, इको टूरिज्म, शहरी विकास, परिवहन, जल संरक्षण व जल प्रबंधन ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिनमें मिलकर काम किया जा सकता है। जायका के भारत प्रमुख ताकेमा साकामोतो ने कहा कि भारत व जापान एक दूसरे के स्वाभाविक सहयोगी हैं। इस नई परियोजना का उद्देश्य वन क्षेत्रों में भूमि क्षरण को रोकने में उत्तराखण्ड वन विभाग की क्षमता को बढ़ाने व इसके माध्यम से स्थानीय लोगों को सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराने के साथ उन्हें ोिने वाली आर्थिक हानि को कम करने में सहायता करना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस परियोजना का लाभ भारत के अन्य हिमालयी राज्यों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव डा.उमाकांत पंवार, सचिव अमित नेगी, आर मीनाक्षी सुंदरम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Press Note – 02

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को बीजापुर सभागार में इंगेजिंग यंग इण्डिया की वैबसाईट का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को बीजापुर सभागार में इंगेजिंग यंग इण्डिया की वैबसाईट का विमोचन किया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 17 सितम्बर 2016 को होने वाले इंगेजिंग यंग इण्डिया (ENGAGING YOUNG INDIA) के कार्यक्रम से युवाओं को अपने सरोकारों को सरकार तक पहुॅचाने का एक मंच मिलेगा। उन्होने बताया कि हमने कई नई पहल राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए की है, उसमें और कैसे सुधार किया जाए, इस पर आप लोग विस्तृत चर्चा कर हमको बताए कि आगे क्या किया जाना है, उन्होने यह बताया कि महिला स्वंय सहायता समूह, आजिविका, महिला उधमी पार्क व स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ रुपयों का कारपस फंड़ बनाया गया है जिसका लाभ इस दिशा में मिलेगा, हुनर, ग्रामीण हाट, 12 हजार महिला स्वंय सहायता समूह के लिए योजनाओं का लाभ देते हुए 5 हजार की शीड़ कैपिटल उपलब्ध कराना आदि योजनाओं पर भी भागीदारी बढ़ाई गई है। उन्होने कहा कि आने वाले तीन वर्षो में राज्य में रिवर्स पलायन के लिए भी विभिन्न योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, इको टूरिज्म, होम स्टे, योगा को भी पर्यटन के साथ जोड़ा जा रहा है, राज्य में निवेश का वार्तावरण बनाने के लिए 22 घण्टें की विद्युत उपलब्धता, सिंगल विंड़ों सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को लाभ दिया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने बताया कि आगामी 17 सितम्बर 2016 को इंगेजिंग यंग इण्डिया (ENGAGING YOUNG INDIA) का कार्यक्रम बिजनेस पार्क में रखा गया है, जिसमें 5 सत्र में स्टार्टअप सहित राज्य सरकार की विभिन्न रोजगार के अवसर उत्पन्न करने वाली योजनाओं पर चर्चा करेंगे व एक भड़ास सत्र 30 मिनट का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें मर्यादित भाषा में युवा विभिन्न विषयों पर आपसे प्रश्नोंत्तर कर सकेंगे। वैबसाईट के माध्यम से युवाओं का रजिस्ट्रेशन सहित सामाजिक, संास्कृतिक समस्यांओं व बुराईयों जिसमें नशें की प्रवर्ति पर रोक व विभिन्न युवाओं से जुड़ें सरोंकारों पर विभिन्न क्षेंत्रों के विशेज्ञय भी अपने विचार रखेंगे, व राज्य की परकैपिटा इन्कम को राष्ट्रीय परकैपिटा इन्कम से 93 हजार से अधिक होने पर भी सरकार का आभार प्रकट करेंगे। हमारा मत है कि गलीगली से घूमने वाले जिसमें फेरी वाला, बर्गर टिक्की बेचने वाला यह सब स्टार्टअप है मुख्यमंत्री जी ने जितनी योजनाए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बनाई है वो सब भी उसी स्टार्टअप जैसा प्रभाव देने वाली है हम उसके लिए भी आभार प्रकट करते है। इस अवसर पर नितेश कौशिक (विशेज्ञय स्टार्टअप), ड़ा0 बृज मोहन शर्मा, जय शर्मा, प्रशांत शर्मा, स्पनिल सिन्हा, आईशा नेगी, वैभव शर्मा, सरदार हरकीरत सिंह, सरदार हरजीत सिंह मिन्टू आदि सहित दर्जनों युवा व छात्रछात्रा उपस्थित थे।

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