Press Note – Dehradun 3 September 2016


September 5, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


Press Note – 01

प्रतिभाओं का उचित सम्मान करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

प्रतिभाओं का उचित सम्मान करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किा जाना चाहिए। प्रतिभावान बच्चों को आगे बसजाने में मदद के लिए सामूहिक प्रासों की आवश्कता है। शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए निजी प्रासों को समावेशी किा जाए। देश, समाज, राज्, व्क्ति के तौर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बसजाने का दात्वि हम सभी का है। हमें एक प्रतिस्पर्धी राज् के प में निखर कर आगे आना है। एक स्थानी होटल में अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बतौर मुख् अतिथि अपने सम्बोधन में मुख्मंत्री हरीश रावत ने उक्त बात कही। मुख्मंत्री श्री रावत ने अपने बचपन के संस्मरण बताते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा में अधपक के साथ ही मां की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्क्त की कि मेरिट में दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चे भी अपना स्थान बना रहे हैं। मुख्मंत्री श्री रावत ने कहा कि राज् में शैक्षिक वातावरण हमारी प्राथमिकता है। प्रतिभावान मावन सम्पदा उत्तराखण्ड की धरोहर है। आने वर्षों में करोडों दक्ष मानव की आवश्कता होगी। हमें इस अवसर का लाभ उठाना है और ुवाओं में स्किल डेवलपमेंट पर धन देना होगा। इस अवसर पर मुख्मंत्री श्री रावत ने उत्तराखण्ड बोर्ड 2015-16 में मेरिट में स्थान पाने वाले प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किा। र्काक्रम में केबिनेट मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी, संसदी सचिव राजकुमार, विधाक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, देहरादून के मेर विनोद चमोली सहित अन् गणमान् उपस्थित थे।

 

Press Note – 02

पत्रकारिता के प्रति राज्य सरकार की नीति स्पष्ट व पारदर्शी है।

पत्रकारिता के प्रति राज्य सरकार की नीति स्पष्ट व पारदर्शी है। सरकार को समाचार पत्रों को सर्पाेट व प्रोत्साहित करते हुए दिखना चाहिये। सरकार को समाचार पत्रों के प्रति सिलेक्टिव नहीं होना चाहिये। सरकार कोई भी हो, समाचार पत्रों को फोलोवर के रूप में कार्य नहीं करना चाहिये। समाचार पत्रों को अपने आलोचानात्मक संपादकीय द्वारा दिशाबोधक व एक मार्गदर्शक का कार्य करना चाहिये। पत्रकारिता को उत्तराखण्ड में पाई जाने वाली ‘‘बिच्छू घास’’ की तरह कार्य करना होगा। जिस प्रकार बिच्छू घास दोनांे तरफ से व्यक्ति को लगती है उसी प्रकार पत्रकारिता को व्यक्ति, समाज व राजनेताओं को खरीखरी सुनाने में पीछे नहीं रहना चाहिये। यह एक दवा की तरह कार्य करेगा जो कुछ देर तक पीड़ा देगा परन्तु आगे सरकार व समाज को अपने कार्याे में सुधार के लिए प्रेरित करेगा। समाज की प्रगति के लिए यह आवश्यक है कि कुछ लोग हमें हमारी गलतियों के लिए सर्तक, सावधान बनाये रखे तथा समाचार पत्र यह कार्य निशुल्क करते है, यह एक अच्छी बात है। बदलते समय के कारण नई चुनौतियों के आगमन के साथ ही मीडिया की चुनौतियाॅं व स्वरूप भी बदला है। आज समाचारों को प्राप्त करने के लिए हमारे सामने अनेक विकल्प है। प्रिन्ट व इलैक्टाªेनिक मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम के रूप मे उभरा है। सोशल मीडिया हमारे लिए एक एसेट व चुनौती दोनों रूपो में सामने आया है। सोशल मीडिया से अनेक कार्य आसान हुए परन्तु उसे निरन्तर फोलो करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। आज के सूचना क्रान्ति के युग में भी ‘‘दिनमान’’ व ‘‘धर्मयुग’’ जैसे समाचार पत्रों को लोग आज भी याद करते है। इन समाचार पत्रों मे लिखने वाले पत्रकारों का नाम आज भी चिरस्थायी व प्रकाशपुंज की भांति है। यह दो या चार पृष्ठ के समाचार पत्र उस समय एक मार्गदर्शक का कार्य करते थे क्योंकि उनके लेखों उस समय के समाज का संघर्ष दिखता था। यद्यपि समय की प्रतिस्पर्धा में यह समाचार पत्र टिक नही पाए परन्तु उनकी सम्माननीय स्मृति जनमानस के बीच बनी हुई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास न्यू कैन्ट रोड़ में हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘‘वीकएंड टाइम्स’’ के विमोचन के अवसर पर पत्रकारिता जगत से अपने सम्बोधन में उपरोक्त विचार किये। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि वर्तमान में एक समाज व व्यक्ति के रूप में हमारी असहिष्णुता बढ़ गयी है जो दुखद है। हमारे धर्म को सनातन नाम दिया गया क्योंकि यह गंगा की तरह उदारता के साथ प्रवाहमान है । परन्तु आज अनेक नकारात्मक बदलावों के कारण इसमें मानवीय गुण लुप्त हो रहा है। अतः यह पत्रकारिता जगत का उत्तरदायित्व है कि हमारे संस्कृति व विचारों में मानवीयता बनी रहे तथा यह निर्मल गंगा की भांति निरन्तर प्रवाहमान रहे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि विशेषकर जो लोग सता में है उन्हे मनसा, वाचा, कर्मणा सहिष्णु होने की आवश्यकता है। पत्रकारिता जगत को इस विषय में नेतृत्व करना होगा। व्यक्ति पूजा के स्थान पर हमें शाश्वत मूल्यों को महत्व देना होगा। व्यक्ति तो आते जाते रहते है परन्तु प्रकृति व धरती के शाश्वत गुण बने रहते है। हमें उत्तराखण्ड सुन्दर के गुणों जिसमें योग, अध्यात्म, आर्युवेद, आदि प्रमुख है को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड राज्य एक चुनौतिपूर्ण राज्य है परन्तु यहाॅं के लोग अपने कर्मठता व संघर्षशीलता के कारण बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।

 

Press Note – 03

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिवंगत सांसद श्रीमती मनोरमा डोबरियाल शर्मा की पुण्य तिथि के अवसर पर शनिवार को बीजापुर हाउस में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिवंगत सांसद श्रीमती मनोरमा डोबरियाल शर्मा की पुण्य तिथि के अवसर पर शनिवार को बीजापुर हाउस में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होने कहा कि दिवंगत सांसद श्रीमती मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने उत्तराखण्ड की प्रथम महिला मेयर के रूप में विश्व में उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। उन्होने राज्य सभा मे उत्तराखण्ड की समस्याओं हेतु भी आवाज बुलंद की। उन्होने महिलाओं व राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य निर्माण आन्दोलन में भी उनका योगदान रहा है। इस अवसर पर दून हाॅस्पिटल में मनोरमा डोबरियाल शर्मा मैमोरियल फाउण्डेशन एवं सांझी छत विकास समिति के तत्वाधान मे रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने फोन द्वारा रक्तदाताओं को सम्बोधित किया तथा इस नेक कार्य के लिये उन्हे बधाई दी। उन्होने समस्त रक्तदाताओं को एवं मनोरमा डोबरियाल शर्मा फाउंडेशन व सांझी छत विकास समिति को भी इसके लिये बधाई दी। इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं ने श्रीमती मनोरमा डोबरियाल शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावनाएं व्यक्त की। रक्तदान शिविर में विभिन्न धर्मों से जुड़े व्यक्तियों एवं युवायुवतियों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेन्द्र कुमार ने दून हॉस्पिटल मे रुद्राक्ष का वृक्ष भी लगाया। इस अवसर पर श्रीमती आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने कहा कि मनोरमा डोबरियाल जी की 60वीं पुण्यतिथि पर जिस तरह से लोगों ने रक्तदान करके समाज की सेवा के लिए महान कार्य किया है इसके लिये वो सभी का आभार व्यक्त करती हैं। आज मनोरमा जी स्वयं हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें और उनके कामों से प्रेरणा लेकर उनके समस्त समर्थक प्रदेश के विकास मे एवं समाज के उत्थान के लिए कार्य करते रहेंगे। इस अवसर पर सांझी छत विकास समिति के अध्यक्ष हरजीत सिंह, विवेक डोबरियाल शर्मा, अविरल सिंघल, राहुल सहगल, भारत कुमार कोरी, अनिल वर्मा, नरेन्द्र थापा, हिमांशु लोधी, अमित ममगई, रोशन लाल राणा, शहजाद अली, अजय शर्मा, अमन कुमार, सिद्वार्थ राजवंशी आदि उपस्थित थे।

 

Press Note – 04

मुख्यमंत्री हरीश रावत को किया सम्मानित।

कैन्ट विधानसभा वार्ड 59 बल्लूपुर के अन्तर्गत राजनिकुंज में राज्य सरकार द्वारा जनसुविधा के लिये ट्यूबवेल का निर्माण कार्य व वनस्थली की आन्तरिक सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को एक स्थानीय बैंकेट हाल में राजनिकुंज इन्क्लेव सोसाइटी राजेन्द्र नगर कौलागढ़ रोड़ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा पूरा ध्यान राज्य के चहुमुखी विकास के कार्यों को और आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग यथा गरीब, महिलाओं, कमजोर आदि के विकास के लिये कार्य कर रही हैैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि देश में महिला कल्याण व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जितने कार्य हमारे राज्य ने किये हैै, उतने किसी अन्य राज्य ने नही किए है। महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलना भी शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमने इंदिरा अम्मा से शुरूआत की थी। महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। महिला कल्याण के बाद महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राज्य सरकार कार्य कर रही हैै। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य में लाभार्थियों को समाज कल्याण से मिलने वाली पेंशनों में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले करीब 1,84,000 लोगों को समाज कल्याण से पेंशन दी जा रही थी किन्तु वर्तमान में 7 लाख से अधिक लोग समाज कल्याण द्वारा दी जा रही विभिन्न पेंशनों से लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन व मानदेय में भी बढोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सबसे अधिक पेंशन देने वाला राज्य है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने देहरादून के निर्माणाधीन बल्लूपुर व आई.एस.बी.टी. फ्लाईओवर का निर्माण कार्य नवम्बर माह तक पूर्ण किये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन फ्लाईओवरों के निर्माण के बाद देहरादून की सुन्दरता को बनाये रखने के लिये और फ्लाई ओवरो का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हम मेट्रो लाने की योजना बना रहे है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमने रिवरफ्रंट की शुरूआत की है। रिवरफ्रंट से देहरादून के सौन्दर्य का बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि रिवरफ्रंट से गरीबों व कमजोर वर्ग के लोगों को कोई परेशानी नही होने दी जायेगी। गरीबों को मालिकाना हक दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मलीन बस्तियों के विकास के लिये हम 400 करोड़ का कोष बनाने जा रहे है। कार्यक्रम का संचालन दीप बोहरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर लाल चन्द शर्मा, श्रीमती कमला बोहरा, बलबीर सिंह नेगी, के.एस.रावत आदि उपस्थित थे।

Press Note – 05

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है। इसके लिये समेकित प्रयासो के साथ ही उन्होने जन जागरूकता के प्रति ध्यान देने के लिए प्रतिमाह बाल महिला सम्मान दिवस के आयोजन के भी निर्देश दिए। महिला स्वास्थ्य के प्रति एनिमिया एवं लिकोरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम व समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोटीवेशन प्लान तैयार करने, 12 वर्ष से विवाह की उम्र व गर्भावस्था के बाद 33 माह के स्वास्थ्य परिक्षण व समुचित उपचार के लिए समय सारणी तय कर इसका कैम्पेन चलाने के निर्देश भी उन्होने दिए। शनिवार को सचिवालय में एन0एच0एम0 व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिए कि बच्चों व महिलाओं के लिए आवश्यक दवाईओं व पोषण सम्बंधी कीट (Kit) तैयार किये जाएं तथा यह प्रयास किये जाएं कि इसकी पहली कीट प्रत्येक ब्लाॅक के एक गांव में निश्चित रूप से शीघ्र पहुंच जाए। इस प्रकार सभी गांव तक इस कार्यक्रम की पंहुच बनाने के लिए इसे अभियान के रूप में संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिए कि ए0एन0एम0 व आशाओं के साथ ही एन0एच0एम0 कर्मियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, यदि उन्हें समयसमय पर प्रशिक्षित किया जाता रहेगा तो स्वास्थ्य सेवाओ का विकास हो सकेगा तथा लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि महिलाओं पर परिवार की जिम्मेदारी होती है जिस वजह से वो अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाती। ए0एन0एम0 व आशाओं के माध्यम से उन्हें उचित सलाह व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाए। उन्होने सभी जिला चिकित्सालयों को सुविधायुक्त बनाने, पीएचसी में फार्मासिस्टों की नियुक्ति, ए0एन0एम0 सेन्टरों में ए0एन0एम0 की नियुक्ति के साथ ही इन केन्द्रों पर भी सुविधा के विकास पर ध्यान देने को कहा। उन्होने आशाओं को दी जाने वाली सुविधाओं पर भी ध्यान देने को कहा ताकि बाल व महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक व मददगार बन सके। उन्होने एन0एच0एम0 कार्मिको की समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए। बैठक में सचिव डाॅ0 भूपेन्द्र कौर औलख, अपर सचिव एवं निदेशक एन0एच0एम0 डाॅ0 नीरज खैरवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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