Press Note – Dehradun 6 October 2016


October 7, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2016 से विश्व खाद्य दिवस को ’’खाद्य अपशिष्ठ निवारण दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2016 से विश्व खाद्य दिवस को ’’खाद्य अपशिष्ठ निवारण दिवस (च्तमअमदजपवद व िथ्ववक ॅंेजंहम क्ंल)’’ के रूप में मनाया जायेगा। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्रों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय के स्तर पर 14 से 16 अक्टूबर, 2016 तक विचार गोष्ठी, प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया जायेगा। यह जानकारी देते हुए सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनन्द बर्द्धन ने बताया कि 14 अक्टूबर, 2016 को प्रदेश स्तर पर प्रातः 11 बजे से त्रिस्तरीय पंचायत, स्थानीय निकाय, समस्त शैक्षणिक संस्थान, व्यवसायिक संस्थान, फैक्ट्रियाॅ, शासकीय कार्यालयों, निजी क्षेत्र के कार्यालय, उपक्रम, होटल, रेस्टोरेंट, विवाह स्थलों (ठंदुनमज भ्ंसस) के समस्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रछात्राओं एवं नागरिकों को शपथ दिलायी जायेगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों व कालेजों में दृश्य एवं श्रव्य माध्यमों के द्वारा खाद्यान्न की बर्बादी के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक किये जाने के साथ ही हर स्तर पर खाद्यान्न की बर्बादी को रोकने हेतु संभव उपायों से अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही खाद्यान्न की बर्बादी के महत्व के बारे में गोष्ठियां एवं प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन गोष्ठियों एवं प्रतियोगिताओं में खाद्यान्न की बर्बादी से होने वाले नुकसान से प्रत्येक नागरिक को अवगत कराया जाएगा। सचिव श्री बर्द्धन ने बताया कि प्रत्येक नागरिक को खाद्यान्न की बर्बादी के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा तथा उत्पादन से लेकर उपभोग के प्रत्येक स्तर तक खाद्यान्न की किसी भी रूप में बर्बादी रोकने हेतु प्रोत्सहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वयं सेवी संस्थाओं को चिन्ह्ति किया जाएगा जो अधिशेष भोजन को संग्रह कर गरीबों में वितरीत करते है। ऐसे स्वयं सेवी संस्थाओं का व्यापक प्रचारप्रसार किया जाएगा। जिससे जनसामान्य में खाद्यान्न की अधिशेष की स्थिति में इन स्वयंसेवी संस्थाओं से त्वरित रूप से संपर्क स्थापित किया जा सकें। इण्डियन इन्सटिट्यूट आॅफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार में हर साल 23 करोड़ टन दाल, 12 करोड़ टन फल एवं 21 टन सब्जियां वितरण प्रणाली में खामियों के चलते खराब हो जाती है। तथा उत्सव, समारोह, शादीब्याह आदि में बड़ी मात्रा में पका हुआ खाना ज्यादा बनाकर बर्बाद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर खाद्यान्न की बर्बादी रोकने हेतु हर संभव प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न होटलों, कैन्टीनों एवं कम्पनियों में नोटिस बोर्ड पर खाने की बर्बादी से होने वाले नुकसान से लोगो को श्रव्यदृश्य के माध्यम से जागरूक किया जायेगा। सचिव श्री बर्द्धन ने कहा कि विश्व खाद्य दिवस के परिप्रेक्ष्य में खाने की महत्ता तथा उसकी बर्बादी से बचाव हेतु विभिन्न विभागों, जनपदों, पार्टनर एजेन्सियों, युवा संगठनों, एनएसएस, युवा कार्यकर्ता एवं महिला मंगलदल, आशा, आंगनबाड़ी के साथसाथ विभिन्न काॅरपोरेट, बैंक, औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों, एनजीओ, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, सोशल, चैरिटी क्लबों, काॅरपोरेट क्लबों आदि की काॅरपोरेट सोशल रिस्पोन्सिबिलिटी के तहत व्यापक सहभागिता एवं योगदान सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य स्तर पर विश्व खाद्य दिवस के अन्तर्गत ’खाद्य अपशिष्ठ निवारण दिवस’ मनाये जाने हेतु मुख्य कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया जायेगा। जिसके लिए आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को नोडल अधिकारी तथा जिलाधिकारी देहरादून को सहायक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के समस्त जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक परामर्शदात्री समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक जनपद के जिलापूर्ति अधिकारी पदेन सदस्य सचिव होंगे तथा सभी सरकारी विभागों, शैक्षिक संस्थाओं आदि के प्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थानीय सहूलियत और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। सचिव श्री बर्द्धन ने कहा कि समस्त शिक्षण संस्थाओं में इस अवसर पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विद्याथियों को संक्षेप में भोजन की बर्बादी के संबंध में ज्ञानवर्धक तथ्यों से अवगत कराते हुए ऐसे प्रेरक प्रसंग दोहराये जाए जिससे खाद्यान्न के प्रति संवेदनशीलता विकसित हा सकें। शिक्षण संस्थाओं में नाटक, विचार गोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिताएं भी यथासंभव आयोजित करायी जाए। इस संबंध में महानिदेशक, शिक्षा विभाग, निदेशक उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, आयुष शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि शिक्षा अपने स्तर से भी यथाचित आदेश पृथक से जारी करेंगे तथा आयोजन के उपरान्त वस्तुस्थिति से शासन को भी अवगत करायेंगे। उन्होंने कहा कि समस्त विभागाध्यक्ष इस कार्यक्रम/आयोजन में पदेन नोडल अधिकारी होंगे तथा अपने स्तर से यथाआवश्यक दिशानिर्देश जारी करना सुनिश्चित करेंगे। सचिव श्री बर्द्धन ने बताया कि इस आयोजन में पर्यटन विभाग, औद्योगिक विकास, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग, स्थानीय निकाय (शहरी विकास) व पंचायती राज विभाग की भूमिका अहम है, इसलिये इन विभागों के विभागाध्यक्ष विशेष रूप से अपने स्तर से अधीनस्थ कार्यालयों/संस्थाओं इत्यादि में यथोचित आदेश निर्गत करते हुए निर्धारित समयान्तर्गत शपथ दिलाया जाना सुनिश्चित करेंगे तथा आयोजन के उपरान्त वस्तुस्थिति से शासन को भी अवगत करायेंगे। उन्होंने कहा कि विश्व खाद्य दिवस के परिप्रेक्ष्य में प्रत्येक वर्ष खाद्य अपशिष्ठ निवारण दिवस मनाने के लिये प्रत्येक जिलाधिकारी, पिछले वर्षों के आयोजनों की समीक्षा कर उन अनुभवों को सम्मिलित करते हुये आगामी वर्षो में उक्त कार्यक्रम को और भी भव्य रूप से आयोजित करेंगे।

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