Press Note – Dehradun 8 September 2016


September 9, 2016 Facebook Twitter LinkedIn Google+ News - Information Department, Uttarakhand


मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रसिद्ध राज्य आंदोलनकारी जे.पी.पाण्डेय की माता जी श्रीमती सुभागेश्वरी देवी के निधन पर गहरा दुःख और शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रसिद्ध राज्य आंदोलनकारी जे.पी.पाण्डेय की माता जी श्रीमती सुभागेश्वरी देवी के निधन पर गहरा दुःख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। ज्ञातव्य है कि स्व. सुभागेश्वरी देवी 81 वर्ष की थी। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भी श्रीमती सुभागेश्वरी देवी को राज्य आंदोलन का स्तंभ बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।

 

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमें अपनी सोच का केंद्र बिंदु हिमायल को बनाना होगा।

सम्पूर्ण मानव जाति का अस्तित्व व कल्याण हिमालय पर निर्भर करता है। हिमालय वैश्विक पर्यावरण, जैव विविधता के साथ ही सांस्कृतिक व आर्थिक कारणों से भी महत्वपूर्ण है। हिमालय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमें अपनी सोच का केंद्र बिंदु हिमायल को बनाना होगा। हिमालय के पर्यावरण को बचाना आज सबसे बड़ी चुनौती है, इस चुनौती का सामना हम सबको मिलकर करना होगा।

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